Advertisement

विराट कोहली ने किया था वापसी का वादा, फिर नहीं उठाया फोन!

amit-mishra-virat-kohli-comeback-promise-phone-call

भारतीय क्रिकेट में हर खिलाड़ी का सपना होता है कि वह लंबे समय तक देश का प्रतिनिधित्व करे। लेकिन चोट, टीम चयन और बदलती परिस्थितियां कई बार खिलाड़ियों के करियर की दिशा बदल देती हैं। पूर्व भारतीय लेग स्पिनर अमित मिश्रा ने विराट कोहली को लेकर ऐसा ही एक अनुभव साझा किया है, जिसमें उन्होंने दावा किया कि चोट से उबरने के बाद उन्हें टीम इंडिया में वापसी की उम्मीद तो दी गई, लेकिन बाद में उनकी कॉल और संदेशों का जवाब नहीं मिला।

अमित मिश्रा ने यह बात पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा के पॉडकास्ट ‘बैठ एंड बोल’ (Baith & Bol) में कही। उनके बयान के बाद क्रिकेट प्रशंसकों के बीच यह चर्चा शुरू हो गई है कि आखिर चोट के बाद उनकी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी क्यों नहीं हो सकी।

2017 में चोट ने बदली करियर की दिशा

अमित मिश्रा के मुताबिक, फरवरी 2017 में इंग्लैंड के खिलाफ बेंगलुरु में खेले गए टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले के दौरान उन्हें पैर में चोट लगी थी। उस समय अनिल कुंबले भारतीय टीम के मुख्य कोच थे।

मिश्रा ने बताया कि चोटिल होने के बाद जब वह टीम से अलग हो रहे थे, तब कुंबले ने उन्हें फिट होने के बाद वापसी की उम्मीद रखने को कहा था। मिश्रा के अनुसार, बाद में विराट कोहली से भी उन्होंने अपने भविष्य को लेकर बात की। उनका दावा है कि कोहली ने भी पहले पूरी तरह फिट होने पर ध्यान देने और फिर टीम में वापसी की उम्मीद रखने को कहा था।

Also Read – https://gorakhpurtimes.com/up-bjp-cm-face-yogi-adityanath-amit-shah-visit-2026/

सात से दस दिन में जवाब देने की बात, लेकिन तीन सप्ताह बीत गए

मिश्रा ने पॉडकास्ट में बताया कि फिटनेस हासिल करने के बाद उन्होंने विराट कोहली से संपर्क कर यह जानने की कोशिश की कि भारतीय टीम में उनकी वापसी की क्या संभावना है।

उनके दावे के मुताबिक, कोहली ने उन्हें लगभग सात से दस दिनों में स्थिति स्पष्ट करने की बात कही थी। लेकिन मिश्रा का कहना है कि एक सप्ताह, फिर दो सप्ताह और उसके बाद तीन सप्ताह बीत गए, फिर भी उन्हें कोई जानकारी नहीं मिली।

मिश्रा ने आरोप लगाया कि उन्होंने फोन किया और संदेश भी भेजे, लेकिन उन्हें जवाब नहीं मिला। कई बार संपर्क करने के बाद उन्होंने प्रयास करना छोड़ दिया।

यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि फोन और संदेशों का जवाब न मिलने की बात अमित मिश्रा का अपना बयान है। इस घटनाक्रम पर विराट कोहली का पक्ष उपलब्ध रिपोर्टों में स्पष्ट रूप से सामने नहीं आया है।

Also Read – https://gorakhpurtimes.com/gyanesh-kumar-cec-election-commission-14-objections-removal-process/

घरेलू क्रिकेट और IPL में प्रदर्शन के बाद भी नहीं हुई वापसी

अमित मिश्रा का कहना है कि उन्होंने चोट के बाद अपनी फिटनेस हासिल करने और घरेलू क्रिकेट तथा इंडियन प्रीमियर लीग में प्रदर्शन के जरिए खुद को साबित करने की कोशिश की थी।

उनके अनुसार, यदि टीम प्रबंधन को उनकी फिटनेस या खेल को लेकर कोई चिंता थी, तो उन्हें स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए था, ताकि वह उस पर काम कर सकें। मिश्रा ने दूसरे खिलाड़ियों की वापसी का उदाहरण देते हुए यह भी सवाल उठाया कि चोट से उबरने के बाद उन्हें वैसा अवसर क्यों नहीं मिला।

हालांकि, किसी खिलाड़ी का टीम में चयन केवल फिटनेस पर निर्भर नहीं करता। प्रदर्शन, टीम की जरूरत, उपलब्ध विकल्प और चयनकर्ताओं के फैसले भी इसमें भूमिका निभाते हैं। इसलिए मिश्रा के अनुभव को उनके व्यक्तिगत नजरिए और दावे के रूप में देखना जरूरी है।

कैसा रहा अमित मिश्रा का अंतरराष्ट्रीय करियर?

अमित मिश्रा भारत के अनुभवी लेग स्पिनरों में शामिल रहे हैं। उन्होंने टेस्ट, वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में देश का प्रतिनिधित्व किया। उनकी गेंदबाजी की खासियत लेग स्पिन, गुगली और बल्लेबाजों को अपनी विविधता से परेशान करना रही।

2017 में इंग्लैंड के खिलाफ बेंगलुरु में खेला गया टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी मैच बना। इसके बाद वह भारतीय टीम में वापसी नहीं कर सके, हालांकि घरेलू क्रिकेट और IPL में उनका सफर जारी रहा।

Also Read – https://gorakhpurtimes.com/virat-kohli-15000-odi-runs-ind-vs-wi-1st-odi-2026/

अमित मिश्रा के खुलासे से क्या सवाल उठते हैं?

मिश्रा के बयान ने खिलाड़ियों और टीम प्रबंधन के बीच संवाद की अहमियत पर ध्यान खींचा है। चोट के बाद वापसी की कोशिश कर रहे किसी भी खिलाड़ी के लिए यह जानना महत्वपूर्ण होता है कि चयन की संभावनाएं क्या हैं और उसे किन क्षेत्रों में सुधार करना है।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि केवल इस कथित संवाद की कमी के कारण ही अमित मिश्रा का अंतरराष्ट्रीय करियर समाप्त हुआ। टीम चयन के फैसलों के पीछे कई कारण हो सकते हैं और इस मामले में सभी पक्षों की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

फिलहाल इस कहानी का सबसे अहम पहलू अमित मिश्रा का वह दावा है, जिसमें उन्होंने कहा कि उन्हें वापसी की उम्मीद दी गई, लेकिन बाद में स्पष्ट जवाब नहीं मिला। विराट कोहली का पक्ष सामने आने पर इस घटनाक्रम की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।अमित मिश्रा का खुलासा भारतीय क्रिकेट में चोट के बाद वापसी, चयन प्रक्रिया और खिलाड़ियों के साथ संवाद जैसे मुद्दों को फिर चर्चा में ले आया है। उनके बयान से उनकी निराशा जरूर सामने आती है, लेकिन पूरे मामले पर अंतिम निष्कर्ष निकालने से पहले संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और उपलब्ध तथ्यों को ध्यान में रखना जरूरी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *