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गोंडा: विनोद साहनी हत्याकांड की पूरी कहानी _ Inside Story

गोंडा के परसपुर थाना क्षेत्र में 45 वर्षीय बर्तन कारोबारी एवं निषाद पार्टी से जुड़े विनोद कुमार साहनी की मौत के बाद मामला तेजी से राजनीतिक तूल पकड़ रहा है।

9 सितंबर की रात दुकान बंद कर घर लौटते समय उन पर हमला हुआ था। गंभीर हालत में उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल और फिर लखनऊ के KGMU रेफर किया गया, जहां गुरुवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।तीन आरोपी गिरफ्तार, तीन पुलिसकर्मी निलंबितपुलिस के अनुसार मामले में शुभम सिंह उर्फ गोलू सिंह, आकाश सिंह और सुभाष सिंह समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है और तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

वहीं, कर्तव्य में कथित लापरवाही के आरोप में परसपुर थानाध्यक्ष, शाहपुर चौकी प्रभारी और एक बीट कांस्टेबल को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू की गई है। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।

सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर था विवादपुलिस के प्रारंभिक बयान के मुताबिक, विनोद साहनी के कुछ सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी थी और इसी विवाद के बाद उन पर हमला किए जाने की बात सामने आई है।

हालांकि, विवादित पोस्ट की वास्तविक सामग्री और हत्या की पूरी वजह की जांच अभी जारी है। इसलिए इसे अंतिम कारण के रूप में पेश करना जल्दबाजी होगी।पोस्टमार्टम को लेकर महत्वपूर्ण तथ्यशुरुआती रिपोर्टों में हमले में गोली और धारदार हथियार के इस्तेमाल की बातें सामने आई थीं। लेकिन बाद में पुलिस ने पोस्टमार्टम के हवाले से स्पष्ट किया कि शरीर पर गोली या धारदार हथियार के घाव नहीं मिले और मौत गंभीर चोटों के कारण हुई। यह तथ्य रिपोर्ट में स्पष्ट रखना जरूरी है ताकि घटना को लेकर कोई अपुष्ट विवरण तथ्य के रूप में न जाए।

संजय निषाद का धरना, मुकेश सहनी भी पहुंचे । विनोद साहनी की मौत के बाद यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी प्रमुख संजय निषाद KGMU पहुंचे और परिजनों के साथ धरने पर बैठकर कड़ी कार्रवाई की मांग की।

बिहार के पूर्व मंत्री एवं VIP प्रमुख मुकेश सहनी भी उनके साथ नजर आए। संजय निषाद ने पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी थी कि कार्रवाई नहीं होने पर गोंडा में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।गोंडा में बढ़ा राजनीतिक दबावमामले में समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भी पीड़ित परिवार के समर्थन और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। अखिलेश यादव ने उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है। शुक्रवार को संजय निषाद ने गोंडा में धरना दिया, जिसे प्रशासन के कार्रवाई के आश्वासन के बाद समाप्त किया गया।

तीन नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी, तीन पुलिसकर्मियों का निलंबन, KGMU में इलाज के दौरान विनोद साहनी की मौत और मामले में पुलिस जांच जारी होना। वहीं हमले के कारण, सोशल मीडिया पोस्ट की भूमिका और शेष आरोपियों की भूमिका की जांच अभी पूरी नहीं हुई है।

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